“I have discovered in life that there are ways of getting almost anywhere you want to go, if you really want to go.”
“I have discovered in life that there are ways of getting almost anywhere you want to go, if you really want to go.”
है इश्क़ तो फिर असर भी होगा
जितना है इधर उधर भी होगा
माना ये के दिल है उस का पत्थर
पत्थर में निहाँ शरर भी होगा
हँसने दे उसे लहद पे मेरी
इक दिन वही नौहा-गर भी होगा
नाला मेरा गर कोई शजर है
इक रोज़ ये बार-वर भी होगा
नादाँ न समझ जहान को घर
इस घर से कभी सफ़र भी होगा
मिट्टी का ही घर न होगा बर्बाद
मिट्टी तेरे तन का घर भी होगा
ज़ुल्फ़ों से जो उस की छाएगी रात
चेहरे से अयाँ क़मर भी होगा
गाली से न डर जो दें वो बोसा
है नफ़ा जहाँ ज़रर भी होगा
रखता है जो पाँव रख समझ कर
इस राह में नज़्र सर भी होगा
उस बज़्म की आरज़ू है बे-कार
हम सूँ का वहाँ गुज़र भी होगा
‘शहबाज़’ में ऐब ही नहीं कुल
एक आध कोई हुनर भी होगा
Khud ko itna bhi matt bachaya kar
Barishein ho to bheeg jaya kar
Chand lakar koi nahi dega
Apne chehre se jagmagaya kar
Dard heera hai dard moti hai
Dard ankhon se mat bahaya kar
Kaam le kuch haseen hontho se
Baaton baaton mein muskuraya kar
Kaun kehta hai dil milane ko
Kam se kam hath to milaya kar..😊
खुद को इतना भी मत बचाया कर,
बारिशें हो तो भीग जाया कर।
चाँद लाकर कोई नहीं देगा,
अपने चेहरे से जगमगाया कर।
दर्द हीरा है, दर्द मोती है,
दर्द आँखों से मत बहाया कर।
काम ले कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों में मुस्कुराया कर
कौन कहता है दिल मिलाने को,
कम-से-कम हाथ तो मिलाया कर।😊