अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Baithe the apni mauj mein achanak ro padhe
Yun aakar tere khayal ne ascha nhi kiya❤️🩹
बैठे थे अपनी मौज में अचानक रो पड़े
यू आकर तेरे ख्याल ने अच्छा नहीं किया❤️🩹
Ae bewafa zindagi
Kiu khaffa hai tu hamse
Hamne to behad chaha that tujhe
For kiu khaffa hai tu hamse
Ek bar to btaa de
Kya gunaah tha hamara?
Kasam khuda ki
Fir kabhi na khaffa hone deinge tujye
Hamne to waffa krna chaha tha tujhe
Pr tu to bewafai kar gyi hamse
Bas ek bar to btaa jati
kya kasoor tha hamara??
Kiu ALVIDA keh gyi tu hamse…