अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Enjoy Every Movement of life!
अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Pal hauli hauli saal bande gaye
oh sahmne c
hauli hauli kwaab bande gaye
ਪਲ ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ ਸਾਲ ਬਣਦੇ ਗਏ
ਉਹ ਸਾਹਮਣੇ ਸੀ
ਹੌਲੀ ਹੌਲੀ ਖਵਾਬ ਬਣਦੇ ਗਏ
