अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Enjoy Every Movement of life!
अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Samundra naal ki mel nadiyaa nehraa da
aithe mul milda ni jigraa bazaara
ਸਮੁੰਦਰਾਂ ਨਾਲ ਕਿ ਮੇਲ ਨਦੀਆਂ ਨਹਿਰਾਂ ਦਾ
ਐਥੇ ਮੁੱਲ ਮਿਲਦਾ ਨੀ ਜ਼ਿਗਰਾ ਬਜ਼ਾਰਾਂ
✍️ਗਿੱਲ ਗਦਰਾਣੇ ਆਲਾ
Jab se dekha hai tujhe, main khud ko bhula betha hu,
Jb se chaha hai tujhe, main khud ko mita betha hu..
Na jane kya manzoor hoga kismat ko.. Main toh khud ki sansein tere naam likha betha hu…