अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Enjoy Every Movement of life!
अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Kujh ku tasveera v ne tere ghar pishle baag diyaa
kujh sufne tuttde te kujh tandaa jagdiyaa
ਕੁਝ ਕੁ ਤਸਵੀਰਾਂ ਵੀ ਨੇ ਤੇਰੇ ਘਰ ਪਿਛਲੇ ਬਾਗ ਦੀਆਂ
ਕੁਝ ਸੁਫਨੇ ਟੁੱਟਦੇ ਤੇ ਕੁਝ ਤੰਦਾਂ ਜਾਗਦੀਆਂ
