Likhda teri yaad cha jrur ha
Mai v ta majboor ha
Koi na koi ta haal kadaya
Tinu milan lai saab nu chadaya
tinu dill ch rakh k horr sab ny kadayn ne
Taa koshis ta bohot kite
par mai hi tenu chadaya nii. ..
Likhda teri yaad cha jrur ha
Mai v ta majboor ha
Koi na koi ta haal kadaya
Tinu milan lai saab nu chadaya
tinu dill ch rakh k horr sab ny kadayn ne
Taa koshis ta bohot kite
par mai hi tenu chadaya nii. ..
के आपकी मेहनत
और कोशिश पर ये
लोग एक दिन है रहे होगे
मगर एक दिन इनके
झुके हुए सिर आपकी
कामयाबी के गवाह होगे
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।