लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Enjoy Every Movement of life!
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Mein ishq ka fakeer hu sahib
Khairaat mein chahta hun mehboob ko ❤
मैं इश्क़ का फ़कीर हूं साहिब,
खैरात में चाहता हूं महबूब को।❤
Ab to hume bhi nhi pta kya vajood hai hamara unka aana or jaana aksar laga hi rehata hai🙃
अब तो हमे भी नही पता क्या वजूद है हमारा उनका आना और जाना अक्सर लगा ही रहता है🙃