लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Enjoy Every Movement of life!
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा
दिल भटक रहा है उसकी तैलाश मे , क्या वो मिला जाएगा
न सोचा था कभी साथ रहने की कसमे खा के
वो यू अकेला ही चला जाएगा
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा ?
न सोचा ज़िंदगी को रंगीन कर , अचानक यू बेरंग कर जाएगा
खवाब दिये थे जो उसने वो अधूरे ही छड़ जाएगा
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा ?
….
