लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Enjoy Every Movement of life!
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Muddton baad kalam thaami hai un bebas hathon ne,
Bas dar is baat ka hai ke vo kyamat na likh dein…💯🔥
मुद्दतों बाद क़लम थामी है उन बेबस हाथों ने,
बस डर इस बात का है के वो क़यामत न लिख दें…💯🔥
