लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Enjoy Every Movement of life!
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हारा !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!
तरुण चौधरी
G Karda
teriyaan yaada di tapdi ret vich tur jawan
har kadam kadam vich maas chhilawan
te naina de loone piniyaan vich khur jawan
ਜੀ ਕਰਦਾ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੀ ਤੱਪਦੀ ਰੇਤ ਵਿੱਚ ਮੈਂ ਤੁਰ ਜਾਵਾਂ
ਹਰ ਕਦਮ ਕਦਮ ਤੇ ਮਾਸ ਛਿਲਾਵਾਂ
ਤੇ ਨੈਣਾਂ ਦੇ ਲੂਣੇ ਪਾਣੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖੁਰ ਜਾਵਾਂ