लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Enjoy Every Movement of life!
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
आँखों पर तेरी निगाहों ने दस्तख़त क्या किए,
हमने साँसों की वसीयत तुम्हारे नाम कर दी!
कुछ बेगाने है, इसलिए चुप हैं,
कुछ चुप है, इसलिए बेगाने है.!
जिंदगी किसी के लिए नही बदलती,
बस जीने की वजह बदल जाती हैं.!
ज़िन्दगी की हर शाम हसीन हो जाए,
अगर मेरी मोहब्बत मुझे नसीब हो जाये!
I wish my book of life was written in pencil … There are a few pages I would like to erase