लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
Enjoy Every Movement of life!
लिखना था कि
खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
मगर कमबख्त…
आंसू हैं कि कलम से
पहले ही चल दिए।
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...
Hou tenu Eddi vi gall nhi
Jad teri khatir nilam hoyea sa
Mashoor hunda c aulakh, hun nhi reha
Tere karke badnaam hoyea sa💔
ਹੋਊ ਤੈਨੂੰ , ਏਡੀ ਵੀ ਗੱਲ ਨੀ
ਜਦ ਤੇਰੀ ਖ਼ਾਤਰ ਨਿਲਾਮ ਹੋਇਆਂ ਸਾਂ
ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ਔਲਖ , ਹੁਣ ਨੀ ਰੇਹਾ
ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਬਦਨਾਮ ਹੋਇਆ ਸਾਂ💔