लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
Enjoy Every Movement of life!
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
दिल की बातें जुबां से कहने का मन नहीं करता, बस तेरे ख्यालों में खोने का मन है दिल को।
तेरी यादों का साथ है, दिल की धड़कनों में बसा है, इस प्यार के गीत को दिल से गुनगुना है दिल को।❤️