लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
वो कहते हैं आगे चलके हमें भूल जाएंगे|
शायद कभी जिंदगी में मिल ही नहीं पाएंगे||
कैसे गुजारेंगे हम जिंदगी उनके बिना,
अगर वो बीच राह में हमें यू छोड़ जाएंगे||
सोचा नहीं उन्होंने हमारे बारे में एक दफा,
कि क्या होगा हमारा जब वे हमें भूल जाएंगे||
उन्होंने तो बड़ी आसानी से कह दी ये बात,
अब जरा उनसे कोई पूछो कि उनके बगैर हम कैसे रह पाएंगे||
जिसने भी किया है कुछ बड़ा वो कभी किसी से नहीं डराI
अगर आप खुद ही खुद पर भरोशा नहीं करोगे तो कोई और क्यों और करेगा I”
कठोर परिश्रम कभी भी विफल नहीं होता ।”
उम्मीद और विश्वास का छोटा सा बीज, खुशियों के विशाल फलों से बेहतर और शक्तिशाली है ।”