लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
Enjoy Every Movement of life!
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai
Town
…..ਤੇਰੇ ਆਉਣਾ ਜਾਣਾ ਰਹਿੰਦਾ ਮੁਟਿਆਰ ਦਾ..
ਸੋਚੀ ਨਾ….
……ਕਿ ਤੇਰੀ ਮੈ ਦੀਵਾਨਾ ਹੋ ਗਿਆ ||