लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
हमारा तिरंगा
देश का प्रतीक है यह,
हर हिंदुस्तानी के नज़दीक है यह।
हर डर भुला देता है,
एक जोश जगा देता है।
सूरज सा ‘नारंगी’ तेज है इसमें,
शांति का ‘सफेद’ संदेश है इसमें।
इसमे खुशिओं की ‘हरियाली’ है,
यह चक्रवर्ती ‘चक्रधारी’ है।
वो फसलों सा लहराता है,
वो हर ऊंचाई से ऊपर जाता है।
एक बच्चे सा भोला है यह,
वक़्त पड़ने पर दहकता शोला है यह।
मित्रों का मीत है यह,
हर बुराई पर जीत है यह।
जीने का अंदाज़ है यह,
अपनी माटी का एहसास है यह।
इसकी अलग ही शान है,
यह हमारा तिरंगा महान है।।
Jhutha athra vichaya sara jaal e
Jisma de saude kar karn pyar de daawe
Es duniya da ishq vi kamal e..!!
ਝੂਠਾ ਅੱਥਰਾ ਵਿਛਾਇਆ ਸਾਰਾ ਜਾਲ ਏ
ਜਿਸਮਾਂ ਦੇ ਸੌਦੇ ਕਰ ਕਰਨ ਪਿਆਰ ਦੇ ਦਾਅਵੇ
ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਦਾ ਇਸ਼ਕ ਵੀ ਕਮਾਲ ਏ..!!