लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
Enjoy Every Movement of life!
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है
uljnaa mazbooriyaa te farzaa di anhi bheedh ch
jo tainu kehna si khud to v lkauna pe reha e
ਉਲਜਨਾ ਮਜਬੂਰੀਆ ਤੇ ਫਰਜਾ ਦੀ ਅੰਨ੍ਹੀ ਭੀੜ ਵਿੱਚ,
ਜੋ ਤੈਨੂ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਖੁਦ ਤੋਂ ਵੀ ਲਕੋਣਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਏ ☺️
