Jion layi lod saahan di jinni e
Tere naal mohobbat onni e..!!
ਜਿਉਣ ਲਈ ਲੋੜ ਸਾਹਾਂ ਦੀ ਜਿੰਨੀ ਏ
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਮੋਹੁੱਬਤ ਓਨੀ ਏ..!!
Jion layi lod saahan di jinni e
Tere naal mohobbat onni e..!!
ਜਿਉਣ ਲਈ ਲੋੜ ਸਾਹਾਂ ਦੀ ਜਿੰਨੀ ਏ
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਮੋਹੁੱਬਤ ਓਨੀ ਏ..!!
जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...
