Sanu nasha teri akh da te lod tere pyar di
Pyas teri rooh di te bhukh tere deedar di..!!
ਸਾਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਦਾ ਤੇ ਲੋੜ ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਦੀ
ਪਿਆਸ ਤੇਰੀ ਰੂਹ ਦੀ ਤੇ ਭੁੱਖ ਤੇਰੇ ਦੀਦਾਰ ਦੀ..!!
Sanu nasha teri akh da te lod tere pyar di
Pyas teri rooh di te bhukh tere deedar di..!!
ਸਾਨੂੰ ਨਸ਼ਾ ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਦਾ ਤੇ ਲੋੜ ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਦੀ
ਪਿਆਸ ਤੇਰੀ ਰੂਹ ਦੀ ਤੇ ਭੁੱਖ ਤੇਰੇ ਦੀਦਾਰ ਦੀ..!!
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!
अगर औरत नहीं होती तो मोहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल नहीं होती तो देश नहीं होती।
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हर इंसान में दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
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मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत माँ होती है।
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इंसान को दुःख देने में मजा आता है।
इंसान के दुःख में सिर्फ कुत्ते रोता है।
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जिंदगी का स्टेशन में ट्रैन रोक गयी।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गयी।
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समय का नदी, में अकेला नहीं।
पिता नाव हे, माँ माझी, जिंदगी यही।
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