Lok jo marzi kehn,
lokaan da kam kehna
saadha jo dil kahu
asi ohi karde rehna
ਲੋਕ ਜੋ ਮਰਜ਼ੀ ਕਹਿਣ,
ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਕਹਿਣਾ,
ਸਾਡਾ ਜੋ ਦਿਲ ਕਹੁੰ,
ਅਸੀਂ ਉਹੀ ਕਰਦੇ ਰਹਿਣਾ।।
Lok jo marzi kehn,
lokaan da kam kehna
saadha jo dil kahu
asi ohi karde rehna
ਲੋਕ ਜੋ ਮਰਜ਼ੀ ਕਹਿਣ,
ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਕਹਿਣਾ,
ਸਾਡਾ ਜੋ ਦਿਲ ਕਹੁੰ,
ਅਸੀਂ ਉਹੀ ਕਰਦੇ ਰਹਿਣਾ।।
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।
Kaisi saza hai yeh,
Na woh mera ho raha hai,
Na hi mein usse door ja pa raha hoon😐
कैसी सज़ा है यह
न वो मेरा हो रहा है
न ही में उससे दूर जा पा रहा हूँ😐