Raat da akhri te swere da pehla zikr e tu…♡
ਰਾਤ ਦਾ ਆਖਰੀ ਤੇ ਸਵੇਰੇ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਜ਼ਿਕਰ ਏ ਤੂੰ…♡
Raat da akhri te swere da pehla zikr e tu…♡
ਰਾਤ ਦਾ ਆਖਰੀ ਤੇ ਸਵੇਰੇ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਜ਼ਿਕਰ ਏ ਤੂੰ…♡
Dass kon pyar Eda kar jau tenu
Dikhe kol tu Bethe hoye ikalleya de..!!
Tera naam likh likh ke hi hassi jande aa
Hoye haal bure sade jhalleya de..!!
ਦੱਸ ਕੌਣ ਪਿਆਰ ਏਦਾਂ ਕਰ ਜਾਊ ਤੈਨੂੰ
ਦਿਖੇੰ ਕੋਲ ਤੂੰ ਬੈਠੇ ਹੋਏ ਇਕੱਲਿਆਂ ਦੇ..!!
ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਲਿਖ ਲਿਖ ਕੇ ਹੱਸੀ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ
ਹੋਏ ਹਾਲ ਬੁਰੇ ਸਾਡੇ ਝੱਲਿਆਂ ਦੇ..!!
ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|