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Maa || ਮਾਂ || Punjabi Poetry

Maa
Shabdaan vich kade byaan hundi ni sift maa di
thandi mithrri jannat jehi is gurri chhaa di
bacheyian de janam di peedha has ke jar jandi hai
vekh aayea bache nu paseena tadaf jandi hai
din raat sukhaan sukhdi te laadh ladaundi hai
shayed ese lai maa rabb da roop kahaundi hai

ਮਾਂ
ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਕਦੇ ਬਿਆਂ ਹੁੰਦੀ ਨੀਂ ਸਿਫਤ ਮਾਂ ਦੀ,
ਠੰਢੀ ਮਿੱਠੜੀ ਜੰਨਤ ਜਿਹੀ ਇਸ ਗੂੜ੍ਹੀ ਛਾਂ ਦੀ।
ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਜਨਮ ਦੀ ਪੀੜਾ ਹੱਸ ਕੇ ਜਰ ਜਾਂਦੀ ਹੈ,
ਵੇਖ ਆਇਆ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਪਸੀਨਾ ਤੜਫ਼ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।
ਦਿਨ ਰਾਤ ਸੁੱਖਾਂ ਸੁਖਦੀ ਤੇ ਲਾਡ ਲਡਾਉਂਦੀ ਹੈ,
ਸ਼ਾਇਦ ਏਸੇ ਲਈ ਮਾਂ ਰੱਬ ਦਾ ਰੂਪ ਕਹਾਉਂਦੀ ਹੈ।

Title: Maa || ਮਾਂ || Punjabi Poetry

Tags:

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


2 lines bulleh shah shayari || aape laiyaa kundiaa

bulleh shah 2 lines shayari punjabi || AApe laayiaan kundiyaan tai, te aape khichda hai dor
saadhe wal mukhda modh
AApe laayiaan kundiyaan tai, te aape khichda hai dor
saadhe wal mukhda modh

Title: 2 lines bulleh shah shayari || aape laiyaa kundiaa


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story