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Maa || hindi poetry || sad but true

मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
अभी तक मैने कोई फर्ज पूरा नहीं किया
अभी तक कोई उसका कोई कर्ज पूरा नहीं किया
मेरे पास अभी वक्त ही नही है
पर वो मुझसे सख्त भी नही है
वो मंजर कैसे देखूंगा
वो बदनसीबी का साल होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
ऐ खुदा बस इतनी सी दुआ है मेरी
खुश रहे जब तक मां है मेरी
मैं उस जन्नत में खो जाना चाहता हूं
अपनी मां के आंचल में सो जाना चाहता हूं
ये दौलत नही मैं प्यार लेना चाहता हूं
उससे आशीष को उधार लेना चाहता हूं
मैं पैसे का क्या करूंगा ये माल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
ऐसे खामोश रहूंगा तो वक्त बीत जायेगा
वो बूढ़ी हो जायेगी बुढ़ापा जीत जायेगा
जब तक जिंदा है पूजा करना चाहता हूं
और कोई ना दूजा करना चाहता हूं
अभी भी वक्त है ले लो आशीष को
वरना जीवन भर तुमको मलाल होगा
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा

Title: Maa || hindi poetry || sad but true

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Nazrein churana || urdu shayari

YOUN NAZRAIN CHURAANA HUM SE AAP KA BA KHUSHI OR BAARHAA

ZAALIM KABHI SOCHNA KITNA DUSHWAR KUN HAIN YEH MARHALA

یوں نظریں چرانا ہم سے آپ کا با خوشی اور بار ہا

ظالم کبھی سوچنا کتنا دشوار کن ہے یہ مرحلہ 

Title: Nazrein churana || urdu shayari


Udasiyaa ki wajah to || happiness shayari

उदसियों की वजह तो
बहुत है ज़िन्दगी में,
लेकिन,
बेवजह खुश होने का 

मज़ा ही कुछ और है...

Title: Udasiyaa ki wajah to || happiness shayari