Upar jiska ant na ho use aasmaa kehte hai
aur dharti par jiska ant na ho use maa kehte hai
उपर जिसका अंत ना हो उसे आसमां कहते हैं,
और धरती पर जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं।
-विक्रम
Upar jiska ant na ho use aasmaa kehte hai
aur dharti par jiska ant na ho use maa kehte hai
उपर जिसका अंत ना हो उसे आसमां कहते हैं,
और धरती पर जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं।
-विक्रम
ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|
Zero percent Chances of Unification…
Many Reasons to hate…
Loving someone doesn’t need a reason.
Love Can Wait forever.
_shama🕯️