main door hona chaunda han mainu maaf kri ,
main sab kuchh bhulke saunda han mainu maaf kri ,
naa jor chlle mera sabi ve enna yaadan te
tere cheta aunda han mainu maaf kri,
Sabi……..
main door hona chaunda han mainu maaf kri ,
main sab kuchh bhulke saunda han mainu maaf kri ,
naa jor chlle mera sabi ve enna yaadan te
tere cheta aunda han mainu maaf kri,
Sabi……..
Aaja kol mere kar Na tu tang ve || Punjabi shayari || true love
Aaja kol mere kar Na tu tang ve
Tu taa nind sadi nu v churaya e
Hawa ch fire dil baneya e ptang ve
Sath duniya to sada v shudaya e
Chain uddeya dekh ishqe de rang ve
Ikk tenu khud nalo Jada asi chaheya e
Jithe jawa tu hi dikhe ang sang ve
Kamli zind nu v tere lekhe laya e
ਆਜਾ ਕੋਲ ਮੇਰੇ ਕਰ ਨਾ ਤੂੰ ਤੰਗ ਵੇ
ਤੂੰ ਤਾਂ ਨੀਂਦ ਸਾਡੀ ਨੂੰ ਵੀ ਚੁਰਾਇਆ ਏ
ਹਵਾ ‘ਚ ਫਿਰੇ ਦਿਲ ਬਣਿਆ ਏ ਪਤੰਗ ਵੇ
ਸਾਥ ਦੁਨੀਆਂ ਤੋਂ ਵੀ ਸਾਡਾ ਛੁਡਾਇਆ ਏ
ਚੈਨ ਉੱਡਿਆ ਦੇਖ ਇਸ਼ਕੇ ਦੇ ਰੰਗ ਵੇ
ਇੱਕ ਤੈਨੂੰ ਖੁਦ ਨਾਲੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਅਸੀਂ ਚਾਹਿਆ ਏ
ਜਿੱਥੇ ਜਾਵਾਂ ਤੂੰ ਹੀ ਦਿਖੇ ਅੰਗ ਸੰਗ ਵੇ
ਕਮਲੀ ਜ਼ਿੰਦ ਨੂੰ ਵੀ ਤੇਰੇ ਲੇਖੇ ਲਾਇਆ ਏ
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।