main mar bhee jaoo… to use khabar bhee na hone dena,
masharoof sa shakhs hai… kahee usaka vaqt barbaad na ho jaaye
मैं मर भी जाऊ… तो उसे ख़बर भी ना होने देना,
मशरूफ़ सा शख्स है… कही उसका वक़्त बर्बाद ना हो जाये
main mar bhee jaoo… to use khabar bhee na hone dena,
masharoof sa shakhs hai… kahee usaka vaqt barbaad na ho jaaye
मैं मर भी जाऊ… तो उसे ख़बर भी ना होने देना,
मशरूफ़ सा शख्स है… कही उसका वक़्त बर्बाद ना हो जाये
Uski akhon ko nam Matt kar k jana
Teri chotti c duniya mein jiska jahan basta hai..!!
Dil laga ke kisika dil Matt dukhana
Kehte hain dilon mein bhagwan basta hai..!!
उसकी आँखों को नम मत कर के जाना
तेरी छोटी सी दुनियाँ में जिसका जहान बसता है..!!
दिल लगा के किसी का दिल मत दुखाना
कहते हैं दिलों में भगवान बसता है..!!
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”