

अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे
Kadon jhanjar teri da chhankara saadhe vehrre chhankana e
Khore kadon kunar di fikar ch tera matha thankana e
ਕਦੋਂ ਝਾਂਜਰ ਤੇਰੀ ਦਾ ਛਣਕਾਰਾ ਸਾਡੇ ਵਿਹੜੇ ਛਣਕਣਾ ਏ
ਖੋਰੇ ਕਦੋਂ ਕੂੰਨਰ ਦੀ ਫਿਕਰ ਚ’ ਤੇਰਾ ਮੱਥਾ ਠੱਣਕਣ ਏ