

इस जीवन की राहों में, दर्द और खुशी की बातें, सपनों की रौशनी में, हम सबकी आस्था है।
सूरज की किरनों में, खुशियों का सफर है, मन की गहराइयों में, सपनों का नजरिया है।
चाँद की रातों में, ख्वाबों की धड़कन है, जीवन के उत्सव में, हर दिन का मौका है।
प्यार की बातों में, दिल की धड़कन होती है, खुशियों की मिठास में, जीवन का सौभाग्य है।
इस प्रेम और सौंदर्य का, हम सबको अभिवादन है, हिन्दी कविता के रूप में, ये शब्द हमारा सन्देश है।
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।