मचलते ख़्वाब दिल की दीवारें तोड़ जाएंगे,
कुछ होंठो को हंसा कर कुछ को तड़पता छोड़ जाएंगे...
तेज़ आधियों में आशियाना बनाने की कोशिश जारी है,
ताजुर्बा है, वहीं ख़्वाब मंज़िल के साथ नजर आएंगे...
मचलते ख़्वाब दिल की दीवारें तोड़ जाएंगे,
कुछ होंठो को हंसा कर कुछ को तड़पता छोड़ जाएंगे...
तेज़ आधियों में आशियाना बनाने की कोशिश जारी है,
ताजुर्बा है, वहीं ख़्वाब मंज़िल के साथ नजर आएंगे...

Asin patjharran de pateyaan varge
ik din hawa de bulle nal jharr jana
kise bemausami badalaan de naa lagh
ik din varde paniyaan vich rurrh jaana
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।