मचलते ख़्वाब दिल की दीवारें तोड़ जाएंगे,
कुछ होंठो को हंसा कर कुछ को तड़पता छोड़ जाएंगे...
तेज़ आधियों में आशियाना बनाने की कोशिश जारी है,
ताजुर्बा है, वहीं ख़्वाब मंज़िल के साथ नजर आएंगे...
Enjoy Every Movement of life!
मचलते ख़्वाब दिल की दीवारें तोड़ जाएंगे,
कुछ होंठो को हंसा कर कुछ को तड़पता छोड़ जाएंगे...
तेज़ आधियों में आशियाना बनाने की कोशिश जारी है,
ताजुर्बा है, वहीं ख़्वाब मंज़िल के साथ नजर आएंगे...
Garmi Suraj mae hoti hai
Jalte zameen wale log
Jalna Suraj ko chahiye
Fir apas mae kyu jalte hai log
गर्मी सूरज मए होती है
जलते ज़मीन वाले लोग
जलना सूरज को चाहिए
फिर आपस में क्यों जलते हैं लोग
Hum dono ke rahein alag alag the
Phir bhi milkar ek raaste bana diya
Manzilein kaahe dur khade the
Aur phir bhi hum ne khawaboo mein apna ek aashiyana bana diya