मचलते ख़्वाब दिल की दीवारें तोड़ जाएंगे,
कुछ होंठो को हंसा कर कुछ को तड़पता छोड़ जाएंगे...
तेज़ आधियों में आशियाना बनाने की कोशिश जारी है,
ताजुर्बा है, वहीं ख़्वाब मंज़िल के साथ नजर आएंगे...
Enjoy Every Movement of life!
मचलते ख़्वाब दिल की दीवारें तोड़ जाएंगे,
कुछ होंठो को हंसा कर कुछ को तड़पता छोड़ जाएंगे...
तेज़ आधियों में आशियाना बनाने की कोशिश जारी है,
ताजुर्बा है, वहीं ख़्वाब मंज़िल के साथ नजर आएंगे...
चांद को भी है गुरूर लौटकर उसका शान आया है
सज चुका है चांद के सिर पर ताज क्योकि उसकी खातिर पूरा हिंदुस्तान आया है
कैसे करे बया दिल की हालत को
हमे भी चांद पर बहुत प्यार आया है
