बहक जाते हैं कदम यूँ तो राह में चलते चलते..
मगर समझ लो तुम ऐ दोस्त..💚
मंजिल हमसफ़र पर ही जाकर थमती है! !! !🧡
बहक जाते हैं कदम यूँ तो राह में चलते चलते..
मगर समझ लो तुम ऐ दोस्त..💚
मंजिल हमसफ़र पर ही जाकर थमती है! !! !🧡
Ye faisla tha tumara ya zamaane ki faramiash thi….khare utare har mod par jab jab aajmaish ki….huye jo door aapse ye bhi to aap hi ki khawahish thi🥀
ये फैसला था तुम्हारा या ज़माने की फरमाइश थी….खरे उतरे हर मोड़ पर जब जब आजमाइश की….हुए जो दूर आपसे ये भी तो आप ही की ख्वाइश थी🥀
ख़ामोश रहता हूं, जीने की कोई आस नहीं मिलती... पहले बात कुछ और थी, अब वो सुकून की सांस नहीं मिलती... मिलती थी पहले हर छोटी छोटी बातों पर, ढेर सारी खुशियां... अब इन अदाकार चेहरों में मुस्कुराहट भी, कुछ ख़ास नहीं मिलती....