Manzil ka naraaz hona bhi zayaz tha..
ham bhi toh ajjnabi raahon se dil lagaa baithe the..
मंजिल का नाराज होना भी जायज था…
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…
Manzil ka naraaz hona bhi zayaz tha..
ham bhi toh ajjnabi raahon se dil lagaa baithe the..
मंजिल का नाराज होना भी जायज था…
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…
Tumhari mohabbat mera deen
Tumhari chahat mera iman hogyi,
Tumhara naam mera kalma
Tumhe pana meri ibadat hogyi
मैं हूँ मुहब्बत,और मेरे मिटने का सवाल ही नहीं❤️
मैं रेत पर लिखी हुई कहानी नहीं
जो लहरों से मिट जाऊँ
मैं बारिश नहीं
जो बरस के थम जाऊँ
मैं हवा नहीं
जो तुम्हारे पास से गुज़र जाऊँ
मैं चाँदनी नहीं
जो रात के बाद ढल जाऊँ
तुम तो वो परवाने हो,
जो जलता रहेगा पर उफ़ तक नहीं करेगा💔
मैं शमा नहीं हूँ
जो परवाने को जला दु
मैं वो रंग हूँ
जो तेरी रूह पर चढ़कर कभी न उतरे
मैं तो वो मुहब्बत हूँ
जो तेरी रग-रग में लहू बन कर गर्दिश करे
Mann ✍️❤️