Manzil ka naraaz hona bhi zayaz tha..
ham bhi toh ajjnabi raahon se dil lagaa baithe the..
मंजिल का नाराज होना भी जायज था…
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…
Manzil ka naraaz hona bhi zayaz tha..
ham bhi toh ajjnabi raahon se dil lagaa baithe the..
मंजिल का नाराज होना भी जायज था…
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…
आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...
Bahron hor te andron hor bahute vekhe
par andron bahron jo iko
oh koi nahi dikhiya
ਬਾਹਰੋਂ ਹੋਰ ਤੇ ਅੰਦਰੋਂ ਹੋਰ ਬਾਹੁਤੇ ਵੇਖੇ
ਪਰ ਅੰਦਰੋਂ ਬਾਹਰੋਂ ਜੋ ਇਕੋ
ਉਹ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਦਿਖਿਆ