Manzil ka naraaz hona bhi zayaz tha..
ham bhi toh ajjnabi raahon se dil lagaa baithe the..
मंजिल का नाराज होना भी जायज था…
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…
Enjoy Every Movement of life!
Manzil ka naraaz hona bhi zayaz tha..
ham bhi toh ajjnabi raahon se dil lagaa baithe the..
मंजिल का नाराज होना भी जायज था…
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे…
खून टपकने लगा आंखो से
आंसुओ को सूखे जमाना हुआ
तुम्हारी तस्वीर ही बची थी पास मेरे
तम्हारा कैसे आना हुआ
क्यू हाल पूंछ मेरे जख्मों को कुरेद रहे हो तुम
मेरे जिस्मों में अब दर्द का ठिकाना हुआ
सलमान….दर्द ही लिखोगे क्या ता_उम्र
उससे पूछो तो इस दर पर क्यू आना हुआ
कलम….तू तो जनता है न मेरे हालात ….
तू बता कैसे हमारा गुजारा हुआ
तू चाँद हैं,
तेरे साथ ढलना चाहता हूँ,
तेरी जिंदगी का,
सबसे खूबसूरत पल बनना चाहता हूँ..