Kuch Rasta Likh Dega..
Kuch Main Likh Dunga…
Tum Likhte Jao Mushkil..
Main Manzil Likh Dunga….
Kuch Rasta Likh Dega..
Kuch Main Likh Dunga…
Tum Likhte Jao Mushkil..
Main Manzil Likh Dunga….
Kise de bullan da Hassan va
Kise Di akhha da Pani a
Kise Di ajj Di te kise Di bitti kahani a
ਕਿਸੇ ਦੇ ਬੁਲਾ ਦਾ ਹਾਸਾਵਾ
ਕਿਸੇ ਦੀ ਅੱਖਾਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਵਾ
ਕਿਸੇ ਦੀ ਅੱਜ ਦੀ
ਤੇ ਕਿਸੇ ਦੀ ਬੀਤੀ ਕਹਾਣੀ ਵਾ
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।