Tenu kho k asi jee na pawange
Sach jaani tere bina maar hi jawange….❤
Tenu kho k asi jee na pawange
Sach jaani tere bina maar hi jawange….❤
Ek daur tha…
Jab bde chaav se tere hath ki roti khata tha mein, maa
Aaj bas bhookh mitane ke liye roti ka niwala todta hu💔
एक दौर था…
जब बङे चाव से तेरे हाथ की रोटी खाता था मैं , माँ
आज बस भूख मिटाने के लिए रोटी का निवाला तोड़ता हूँ 💔
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है