MARR BHI GAYE JO HUM PYAAR MEIN TERE.
DIL TOH HAMARA RAHEGA TUMHARA.
YAAD TUMHARI HAMESHA AATI RAHEGI,
CHAHE KITNE SUKH DUKH AAYE ZINDAGI MEIN MERI.
MARR BHI GAYE JO HUM PYAAR MEIN TERE.
DIL TOH HAMARA RAHEGA TUMHARA.
YAAD TUMHARI HAMESHA AATI RAHEGI,
CHAHE KITNE SUKH DUKH AAYE ZINDAGI MEIN MERI.
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
Kehnde rahe oh tuhade naal mohobbat beshumar e
Jo mere chehre di khamoshi nu vi aakad samj ke tur gaye💔..!!
ਕਹਿੰਦੇ ਰਹੇ ਉਹ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਮੋਹੁੱਬਤ ਬੇਸ਼ੁਮਾਰ ਏ
ਜੋ ਮੇਰੇ ਚਹਿਰੇ ਦੀ ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਨੂੰ ਵੀ ਆਕੜ ਸਮਝ ਕੇ ਤੁਰ ਗਏ💔..!!