मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह,
उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा….
mat poochh sheeshe se usake tootane kee vajah,
usane bhee meree tarah kisee patthar ko apana samaja hoga….
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह,
उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा….
mat poochh sheeshe se usake tootane kee vajah,
usane bhee meree tarah kisee patthar ko apana samaja hoga….
kidar nu chale jawe, nahi pata lagda samundar de neer da
kehdhe modh te aa ke, badal jawe, kithe pata lagda e taqdeer da
ਕਿਧਰ ਨੂੰ ਚਲੇ ਜਾਵੇ,ਨਹੀ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਸਮੁੰਦਰ ਦੇ ਨੀਰ ਦਾ..
ਕਿਹੜੇ ਮੋੜ ਤੇ ਆ ਕੇ ਬਦਲ ਜਾਵੇ,ਕਿੱਥੇ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਏ ਤਕਦੀਰ ਦਾ..
मोहब्बत धूप में छाँव की तरह है
धूप जमाने की तरह
तुम छाँव में रुकना मत यही छाँव ठण्ड में तुम्हें सतायेगी
ठण्ड समझदार की तरह
ये ठण्ड तुम्हें धूप की ओर ले जाएगी
धूप तुम्हे अंधेरे में छोड़ जाएगी
अंधेरे दो तरह की है
पहले में मां बाप साथ है दूसरे में उनकी याद
इसीलिये तो मां बाप अंधेरो में जीना सिखाते है
ताकी जब दूसरा अंधेरा आए तो तुम कहो
अंधेरो आओ अब हम तुम्हें रास्ता दिखाते है