Matlab ki nadiya || hindi truth zindagi shayari was last modified: May 7th, 2023 by _anmol_sahi
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”
Mainu lodh nai mainu rehan de gumnaam
mainu jakhmaa waang lagde ne tere dite jo inaam
bas jaanda jaanda sun ja sajjna eh zindagi tere naam
ਮੈਨੰੂ ਲੋੜ ਨੀ ਮੈਨੰੂ ਰਹਿਣ ਦੇ ਗੂੰਮਨਾਮ
ਮੈਨੰੂ ਜੱਖਮਾ ਵਾਗ ਲਗਦੇ ਨੇ ਤੇਰੇ ਦਿਤੇ ਜੋ ਇਨਾਮ
ਬੱਸ ਜਾਦਾ ਜਾਦਾ ਸੁਣ ਜਾ ਸੱਜਣਾ ਇਹ ਜਿੰਦਗੀ ਤੇਰੇ ਨਾਮ