Maturity is deleting the entire paragraph and texting back “oky”✌
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“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”
Banke ajnabi mile hain zindagi ke safar mein
In yaadon ko hum mitayenge nhi😇
Agar yaad karna fitrat hai aapki
To wada hai hum bhi aapko bhulayenge nhi❤
बनके अजनबी मिले है ज़िंदगी के सफर में,
इन यादों को हम मिटायेंगे नहीं,😇
अगर याद करना फितरत है आपकी,
तो वादा है हम भी आपको भुलायेंगे नहीं❤