Maturity is deleting the entire paragraph and texting back “oky”✌
Maturity is deleting the entire paragraph and texting back “oky”✌
na koi kisi se door hota hai
na koi kisi ke kareeb hota hai
wo khud he chal ke aata hai
jo jiska nasib hota hai….😇
न कोई किसी से दूर होता है
न कोई किसी के करीब होता है
वो खुद ही चल के आता है
जो जिसका नसीब होता है 😇
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।