Hamesha tiyaari ‘ch reha karo janaab
mausam te insaan kado badal jaan koi pata nahi
ਹਮੇਸ਼ਾ ਤਿਆਰੀ ‘ਚ ਰਿਹਾ ਕਰੋ ਜਨਾਬ,
ਮੌਸਮ ਤੇ ਇਨਸਾਨ ਕਦੋਂ ਬਦਲ ਜਾਣ ਕੋਈ ਪਤਾ ਨਹੀਂ
Enjoy Every Movement of life!
Hamesha tiyaari ‘ch reha karo janaab
mausam te insaan kado badal jaan koi pata nahi
ਹਮੇਸ਼ਾ ਤਿਆਰੀ ‘ਚ ਰਿਹਾ ਕਰੋ ਜਨਾਬ,
ਮੌਸਮ ਤੇ ਇਨਸਾਨ ਕਦੋਂ ਬਦਲ ਜਾਣ ਕੋਈ ਪਤਾ ਨਹੀਂ

किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂