Na tune mohobbat sachi ki.
Na teri wafai sachi thi.
Jo tere liye hum jee rhe the,
Usse to hamari maut hi achi thi..!
Na tune mohobbat sachi ki.
Na teri wafai sachi thi.
Jo tere liye hum jee rhe the,
Usse to hamari maut hi achi thi..!
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
Gale se lagana to mujhe
Khudko simat te dekhna Hai……!!
Bikhra hu mein har baar
Is baar sanwarte dekhna Hai……!!
गले से लगाना तो मुझे
खुदको सिमट ते देखना है..!!
बिखरा हूँ मैं हर बार
इस बार संवरते देखना है..!!