Na tune mohobbat sachi ki.
Na teri wafai sachi thi.
Jo tere liye hum jee rhe the,
Usse to hamari maut hi achi thi..!
Na tune mohobbat sachi ki.
Na teri wafai sachi thi.
Jo tere liye hum jee rhe the,
Usse to hamari maut hi achi thi..!
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..
Yaad taan teri bhut aundi e
Par tere rukhepan ton darde haan..!!
Taan hi kuj kehnde nahi tenu
Bas chup reha karde haan🙂..!!
ਯਾਦ ਤਾਂ ਤੇਰੀ ਬਹੁਤ ਆਉਂਦੀ ਏ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਰੁੱਖੇਪਣ ਤੋਂ ਡਰਦੇ ਹਾਂ..!!
ਤਾਂ ਹੀ ਕੁਝ ਕਹਿੰਦੇ ਨਹੀਂ ਤੈਨੂੰ
ਬਸ ਚੁੱਪ ਰਿਹਾ ਕਰਦੇ ਹਾਂ🙂..!!