Na tune mohobbat sachi ki.
Na teri wafai sachi thi.
Jo tere liye hum jee rhe the,
Usse to hamari maut hi achi thi..!
Na tune mohobbat sachi ki.
Na teri wafai sachi thi.
Jo tere liye hum jee rhe the,
Usse to hamari maut hi achi thi..!
बिखरे हुए हैं शब्द मेरे, जैसे एक टूटा हुआ साज हूँ,
नि:शब्द हूँ मैं जैसे एक दबी आवाज़ हूँ ,
लिख रहा हूँ मैं अपना दर्द स्याही में,
जैसे कोई अनकही बात हूँ ,
लोगों ने करी है मेरी तारीफ़ें, जैसे मै उनके सर का ताज हूँ ,
नज़रें थी तेज मेरी इस कदर, जैसे मै बाज़ हूँ ,
बीता वो कल जिसमें मिले धोखे मुझे, आज बीता कल भी तरस खाता है मुझपे, जो मैं आज हूँ,
शांत हूँ मैं इन चालाकों के झुंड में, क्यूँकि मैं आने वाले तूफ़ान का आग़ाज़ हूँ ,
जो थे मेरे साथ जब अकेला था मैं, मैं आने वाले कल में भी उनके साथ हूँ ,
और जो सोचते थे कि गिरूँगा मैं लड़खड़ाते हुए ज़िंदगी में, उनके लिए एक बुरा ख़्वाब हूँ ,
सपनो को अपने मैं लेकर उडूँगा एक दिन,
जैसे हवा को चीरता हुआ जहाज़ हूँ ,
पर फ़िलहाल बिखरा हुआ शब्द हूँ, एक टूटा हुआ साज हूँ ।।
सीने के बल चल कर आया था मैं
फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ
वफा तो दोनो तरफ से थी….
फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ
कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को
सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ
ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए
मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ
हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी
अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ
देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए
जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ