Zindagi tan bewafa aa
ik din thukraugi
maut hi sachi muhobbat aa
jo ik din mainu apnaugi
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਬੇਵਫਾ ਆ
ਇਕ ਦਿਨ ਠੁਕਰਾਉਗੀ
ਮੌਤ ਹੀ ਸੱਚੀ ਮੁਹੋਬਤ ਆ
ਜੋ ਇਕ ਦਿਨ ਮੈਨੂੰ ਅਪਣਾਉਗੀ
Zindagi tan bewafa aa
ik din thukraugi
maut hi sachi muhobbat aa
jo ik din mainu apnaugi
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਬੇਵਫਾ ਆ
ਇਕ ਦਿਨ ਠੁਕਰਾਉਗੀ
ਮੌਤ ਹੀ ਸੱਚੀ ਮੁਹੋਬਤ ਆ
ਜੋ ਇਕ ਦਿਨ ਮੈਨੂੰ ਅਪਣਾਉਗੀ
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला
अब इसे लोग समझते हैं गिरफ्तार मेरा
सख्त नदीम है मुझे दाम में लाने वाला
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे इस से
वो जो इक शख्स है मुंह फेर के जाने वाला
मुन्तज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं
कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते
है कोई ख्वाब की ताबीर बताने वाला
Shaakh se toote patte sa ho gya hoon mein
Kisi ne smeta bhi to jalane k liye..!!
शाख से टूटे पत्तों सा हो गया हूँ मैं
किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए..!!