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Me apni raah alag || Hindi shayari

Main Apni Raah Alag Khud Banake Chalta hoon
Wo Aur Honge Jo Naqshe Qadam Pe Chalte Hain.
Rekhta Pataulvi

Title: Me apni raah alag || Hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


देखा है दुनिया का दस्तूर उसने

देखा है दुनिया का दस्तूर उसने,
वो किसी की भी सुनता नहीं है...
लगा देता है अदालत चलती राहों में,
उसके दुश्मन भी चुनता वहीं है...
सही है ?
क्या दुनिया से नज़रें मिला कर चलना,
जीना है आज तो रास्ता बस यही है...
छोड़ आया था दोस्तों का काफिला पीछे,

मुड़ कर देखा तो सारे दुश्मन वहीं है...

Title: देखा है दुनिया का दस्तूर उसने


Phoolon ki umeed nahi

Phoolon ki umeed nahi