Enjoy Every Movement of life!
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
TERI SURAT KI AB KYA TARIF KARU ME🤐
ALFAZ HI KHATM HO JATE HAI
TERI ADAYE DEKH KAR HI HUM❣
GHAYAL🤩 SE HO JATE HAI..
तेरी सूरत की अब क्या तारीफ करूँ मैं🤐
अल्फ़ाज़ ही खत्म हो जाते हैं
तेरी अदाएं देख कर ही हम❣
घायल🤩 से हो जाते हैं।।
