me raunda reha
te oh hasdi rahi
bewafa mainu
oh dasdi rahi
ਮੈਂ ਰੌਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਤੇ ਉਹ ਹੱਸਦੀ ਰਹੀ।
ਬੇਵਫ਼ਾ ਮੈਨੂੰ
ਉਹ ਦੱਸਦੀ ਰਹੀ।
me raunda reha
te oh hasdi rahi
bewafa mainu
oh dasdi rahi
ਮੈਂ ਰੌਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਤੇ ਉਹ ਹੱਸਦੀ ਰਹੀ।
ਬੇਵਫ਼ਾ ਮੈਨੂੰ
ਉਹ ਦੱਸਦੀ ਰਹੀ।
Zindagi da gam bada dho liya ehna akhaan ne
bas hun
bada ro liya ehna akhan ne
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਗਮ ਬੜਾ ਢੋ ਲਿਆ ਇਹਨਾ ਅੱਖਾਂ ਨੇ
ਬੱਸ ਹੁਣ ਬੜਾ ਰੋ ਲਿਆ ਇਹਨਾ ਅੱਖਾਂ ਨੇ
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!