Me tumahri saadgi ki kyaa misaal du
is saare yahaa me be-misaal ho tum
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ
इस सारे जहां में बे-मिसाल हो तुम
Enjoy Every Movement of life!
Me tumahri saadgi ki kyaa misaal du
is saare yahaa me be-misaal ho tum
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ
इस सारे जहां में बे-मिसाल हो तुम
raat saaree tadapate rahenge ham,
ab…aaj phir khat tere padh lie shaam ko…
रात सारी तड़पते रहेंगे हम,
अब…आज फिर ख़त तेरे पढ़ लिए शाम को…
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂