Me tumahri saadgi ki kyaa misaal du
is saare yahaa me be-misaal ho tum
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ
इस सारे जहां में बे-मिसाल हो तुम
Me tumahri saadgi ki kyaa misaal du
is saare yahaa me be-misaal ho tum
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ
इस सारे जहां में बे-मिसाल हो तुम
Tum Chahe kitna bhi aansu bha lo,
usse dusron ko koi fark nahi padhta
aankhe to hamari hoti hai,
par aansu hamesha dusron ke liye hi hote hai
तुम चाहे कितना भी आंसू बहा लो,
उससे दूसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
आंखें तो हमारी होती है।
पर आंसू हमेशा दूसरों के लिए ही होते हैं।
बसा ले नज़र में सूरत तुम्हारी,
दिन रात इसी पर हम मरते रहें,
खुदा करे जब तक चले ये साँसे हमारी,
हम बस तुमसे ही प्यार करते रहें ॥