धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
The best feeling comes when you realize that youre perfectly happy without the people you thought you needed most.
Sukun kaha hai ab aisi aab-o-hawa mein
Chal rahi hai zindagi apni apni wafa mein
Tu wafadar bhi hai aur adakaar bhi e zindagi
Jaan chuka hu tere kirdaar, mein pehli hi dafa mein…💯🍂
सुकूं कहां है अब ऐसी आब-ओ-हवा में,
चल रही है जिंदगी अपनी, अपनी वफा में,
तू वफादार भी है और अदाकार भी ए-जिंदगी,
जान चुका हूं तेरे किरदार, मैं पहली ही दफा में…💯🍂