धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Parkh le agar nahi taxi
Chal le jitni shalni ho baazi
Bas itni karunga tujhse darkhast e duniya
Junoon ko pagalpan aur mehnat ko kismat ka naam Na de🙌
परख ले अगर नही राज़ी,
चल ले जितनी छलनी हो बाज़ी
बस इतनी करूँगा तुझसे दरख़ास्त ऐ दुनिया,
जुनून को पागलपन और म्हणत को किस्मत का नाम न दे🙌
