धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
ताल्लुक कौन रखता है किसी नाकाम से लेकिनमिले जो कामयाबी सारे रिश्ते बोल पड़ते हैंमेरी खूबी पे रहते हैं यहां अहले-जबां खामोशमेरे ऐबों पर चर्चा हो तो गूंगे बोल पड़ते हैं
ਚੱਲ ਮੰਨਿਆ ਅਸੀਂ ਬੁਰੇ ਸੀ ,
ਪਰ ਤੂੰ ਹੀ ਚੰਗੀ ਬਣ ਕੇ ਦਿਖਾ ਜਾਂਦੀ