धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Aapne zameer nu ucha kar mittra
Vekhi loka de mehal vi ohde agge chotte ho jange..
ਆਪਣੇ ਜ਼ਮੀਰ ਨੂੰ ਉੱਚਾ ਕਰ ਮਿੱਤਰਾਂ
ਵੇਖੀ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮਹਿਲ ਵੀ ਓਹਦੇ ਅੱਗੇ ਛੋਟੇ ਹੋ ਜਾਣਗੇ |
