धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Oh nivi pa k lang jande ne
te me ohna nu vekhda rehnda
oh horaan de khawaab vekhde ne
te me ohna de khawaab sajaunda rehnda
ਓਹ ਨੀਵੀਂ ਪਾ ਕੇ ਲੰਘ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਤੇ ਮੈਂ ਉਹਨਾ ਨੂੰ ਵੇਹਿੰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ
ਓਹ ਹੋਰਾਂ ਦੇ ਖਵਾਬ ਵੇਖਦੇ ਨੇ
ਤੇ ਮੈਂ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਖਵਾਬ ਸਜਾਂਉਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ