धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Zindagi se bdi saja hi nahi
Aur kya jurm hai pta hi nahi
Itne hisso me bat gya hu mai
Mere hisse me kuchh bacha hi nahi💔
ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नही
और क्या जुर्म है पता ही नही
इतने हिस्सो में बट गया हूं मैं
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नही💔
मोहब्बत तो हमेशा तुझी से रहेगी,
चाहे तुम नाराज रहो चाहे नजर अंदाज करो !