धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Zakham tan nai bharde
waqt naal
par sehna sikh jande ne
lok aksar
waqt naal
ਜਖਮ ਤਾਂ ਨਈਂ ਭਰਦੇ
ਵਕਤ ਨਾਲ
ਪਰ ਸਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਲੋਕ ਅਕਸਰ
ਵਕਤ ਨਾਲ
tere husn ko parde kee zarurat hee kya hai,
kaun hosh mein rahata hai tujhe dekhane ke baad…
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,
कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद… 💖💖