धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Tum julam karti raho
Ham seh lenge
Tumahre dil me rehne ki umar kaid ho jaye
ham reh lainge
तूम जुलम करती रहो
हम सह लेंगे,
तुम्हारे दिल में रहने की उम्र कैद हो जाऐ
हम रह लेंगे
