धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता

ਪਿਆਰ ਸਦਾ ਦੂਜੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਨਾਲੋਂ ਚੰਗੇਰਾ ਸਮਝ ਕੇ ਸੋਚਦਾ ਹੈ ,
ਇਸ ਸੋਚ ਵਿਚ ਹੀ ਆਨੰਦ ਹੈ !