
Ke mein tere kaabil nahi..!!
Hun nafrat kar lawi menu
Ke mein tere kaabil nahi..!!
Enjoy Every Movement of life!

नज़र भी तलाशे किसी डगर पर खड़ा, कोई हमसफ़र काश मुझे मिल जाए..
जिसके साथ शुरू मैं करलूँ आखिर, नया जिदगी का कोई सफर मिल जाए..
कहीं अटकूं जो गर किसी राह पर, हाथों से हाथ इस कदर मिल जाए..
हमें भी हमारी जिंदगी में कोई ऐसा, निगेबान हमकदर मिल जाए..
