
Ke mein tere kaabil nahi..!!
Hun nafrat kar lawi menu
Ke mein tere kaabil nahi..!!

Lafz khatam hunde ja rahe ne
Par tere layi mohobbat byan nahi ho pa rahi..!!
ਲਫ਼ਜ਼ ਖ਼ਤਮ ਹੁੰਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਨੇ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਲਈ ਮੋਹੁੱਬਤ ਬਿਆਨ ਨਹੀਂ ਹੋ ਪਾ ਰਹੀ..!!
कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।