
Ke mein tere kaabil nahi..!!
Hun nafrat kar lawi menu
Ke mein tere kaabil nahi..!!
Enjoy Every Movement of life!

वो खुद भूखा रहकर तुम्हारा पेट सींच रहा है,
देखो आज,
चेहरे पर मुस्कान लिए भीगी पलकें मीच रहा है,
दो वक्त की रोटी, रोटी देने वालों को नसीब नहीं,
वो कौनसा तुम्हारी भारी जेबों से नोट खीच रहा है....
थोड़ी खुशियां उनकी झोली में भी नसीब हो,
आज दूर है कल वापस मिट्टी के करीब हो,
इक सैलाब ने खूब कोहराम मचाया,
ऐसा ना हो के दूसरा भी करीब हो...
kita sache dilon tainu pyar
bas aini galti c meri
ਕੀਤਾ ਸੱਚੇ ਦਿਲੋਂ ਤੈਨੂੰ ਪਿਆਰ
ਬੱਸ ਐਨੀ ਗਲਤੀ ਸੀ ਮੇਰੀ