Kade shant ho bethe kade khade kare bawaal
Hun taan mein vi jana mere dil de haal..!!
ਕਦੇ ਸ਼ਾਂਤ ਹੋ ਬੈਠੇ ਕਦੇ ਖੜੇ ਕਰੇ ਬਵਾਲ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਮੈਂ ਵੀ ਨਾ ਜਾਣਾ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੇ ਹਾਲ..!!
Kade shant ho bethe kade khade kare bawaal
Hun taan mein vi jana mere dil de haal..!!
ਕਦੇ ਸ਼ਾਂਤ ਹੋ ਬੈਠੇ ਕਦੇ ਖੜੇ ਕਰੇ ਬਵਾਲ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਮੈਂ ਵੀ ਨਾ ਜਾਣਾ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੇ ਹਾਲ..!!
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..
meree sab koshishen naakaam thee unako manaane ki,
kahaan seekheen hai zaalim ne adaen rooth jaane ki.
मेरी सब कोशिशें नाकाम थी उनको मनाने कि,
कहाँ सीखीं है ज़ालिम ने अदाएं रूठ जाने कि.