
Mainu aapne hi ji shehar da
murh kuch na pta kad aawega
jida anjaan ji paani nehar da

ਜਿਨੇ sad search ਵੀ ਨਹੀ ਸੀ ਕੀਤਾ
ਉਸਨੂੰ sad song ਸੁਨਣ ਲਾਤਾ
ਕਦੇ mood ਬਾਰੇ ਸੋਚਿਆ ਨਹੀਂ ਸੀ
ਉਸਦਾ mood off ਕਰਾਤਾ
ਜਿਹੜਾ ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਮਖੌਲਾਂ ਕਰਦਾ ਸੀ
ਉਸ ਨੂੰ ਪਿਆਰ ਦਾ ਅਹਿਸਾਸ ਕਰਾਤਾ
OGGY ਮੌਜਾਂ ਕਰਦਾ ਸੀ
ਤੂੰ shayar ਬਣਾਤਾ ਤੂੰ shayar ਬਣਾਤਾ
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”