Wo Mera Sab Kuch Hai Bas Mera Muqadar Nahi ..
kaash wo Mera Kuch na Hota Sirf Mera Muqadar Hota…
Wo Mera Sab Kuch Hai Bas Mera Muqadar Nahi ..
kaash wo Mera Kuch na Hota Sirf Mera Muqadar Hota…
Zindagi ch kai dukh aaye
Pr himmat naa haari eh
Jdo da zindagi ch tu aaya
Bs zindagi tere naam h laali eh
Har din kadna aukha c
Saah lena kera sokha c
Pr tu hamesha menu khush rakhya
Kyunki tu taa mera haano haani eh
Tere naal bs pyaar mera
Bs socha tere baare ve
Ki pta tera mera saath kina eh
Pr janam janam ch tu mera ve
Pr janam janam ch tu mera ve
कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है , और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है । अपने सपनो को रख कर एक तरफ , अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है । क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे , तो उसे भी ठुकराना पड़ता है । प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है , कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है । हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है , वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है । खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां कितनी मुश्किलों में उलझता सा है , छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है । कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में , महीना सारा संभालना पड़ता है । यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है , कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।