Wo Mera Sab Kuch Hai Bas Mera Muqadar Nahi ..
kaash wo Mera Kuch na Hota Sirf Mera Muqadar Hota…
Wo Mera Sab Kuch Hai Bas Mera Muqadar Nahi ..
kaash wo Mera Kuch na Hota Sirf Mera Muqadar Hota…
Main kinna roya haan koi janda ni
Kinne dard ne hasde chehre piche koi pechanda ni
Tetho door hoya haan teri khushi lyi
Unj pyaar ta enna si k koi swaal ni
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!