मेरे दर्द का हिसाब क्या करोगे
बड़े ना समझ हो हिसाब क्या करोगे,
मिलगे आपको बहुत ,
हम जैसा चाहने वाला कहां तालाश करोंगे।
मेरे दर्द का हिसाब क्या करोगे
बड़े ना समझ हो हिसाब क्या करोगे,
मिलगे आपको बहुत ,
हम जैसा चाहने वाला कहां तालाश करोंगे।
kadr jajbata di|sad shayari
Chl shdd mnaa..!!
Ki jana usde dra te..
Jisnu Saar hi nhi mere halata di..!!
“Roop” sjjda kriye taan usde dar te ja k kriye..
Jithe kadar howe jajbata di..!!

जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है
हर लम्हे मे दर्द है और दर्द से अपनी यारी है
कुछ न देके भी भोत कुछ दिया है तूने
एसिलिए तू कही न कही हमको प्यारी है ।
नुकसान भरा नहीं पिछली बरबादी का
फिर एक दफा तुझे सवारने की तयारी है
जिंदगी तुझे ज़ीने की साझीश जारी है ।
हर दिन आके झँझोड़ जाती है तू
जैसे सदियों से तेरी हमपे उधारी है
तू साथ दे या न दे हमारा
लेकिन तुजे जीने की ज़िद्द दिल मे उतारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
वक्त का खामोशी से गुजारना ओर धडकनों का यूं शोर मचाना
एह जिंदगी तू ही बता ये कैसी बेकरारी है
लौट आए जो वो पुराने लोग
तो पुछू आखिरी कैसे उन्होने उन्होने जिंदगी गुजारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
उम्मीद है तू साथ चलेगी मेरे
खवाबों से भरी हाथ मे मेरे पिटारी है
पूरे हो या न हो ये किस्मत का खेल है
पर जिंदगी तुझे जीने की जंग जारी है ।
……….. अजय कुमार ।