मेरे दर्द का हिसाब क्या करोगे
बड़े ना समझ हो हिसाब क्या करोगे,
मिलगे आपको बहुत ,
हम जैसा चाहने वाला कहां तालाश करोंगे।
Enjoy Every Movement of life!
मेरे दर्द का हिसाब क्या करोगे
बड़े ना समझ हो हिसाब क्या करोगे,
मिलगे आपको बहुत ,
हम जैसा चाहने वाला कहां तालाश करोंगे।
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं
