Khiza ka daur ho ya ho bahar ka mausam
Mere liye nhi koi karar ka mausam
खिजा का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
Enjoy Every Movement of life!
Khiza ka daur ho ya ho bahar ka mausam
Mere liye nhi koi karar ka mausam
खिजा का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
हवा चलती है सुनहरी
तुम हो मेरी नन्हि गिलहरी..
प्यार करता हूं मैं बहुत तुमसे,
अब जताने आया हूं प्यार तुमसे…
क्या तुम नहीं जताओगे मुझे अपना प्यार
तब तक मैं करता रहूंगा तुम्हारा इंतजार….
Nabendu Baroi
