मेरी किस्मत के हीरों का तुम एक ताज
बन जाओ
कल की बात छोडो तुम मेरा आज बन
जाओ
मैं तो रोज करता हूं, मोहब्बत डूब कर
तुमसे
अब मेरी इक बात मानो बस, तुम मेरे
हमराज़ बन जाओ
Enjoy Every Movement of life!
मेरी किस्मत के हीरों का तुम एक ताज
बन जाओ
कल की बात छोडो तुम मेरा आज बन
जाओ
मैं तो रोज करता हूं, मोहब्बत डूब कर
तुमसे
अब मेरी इक बात मानो बस, तुम मेरे
हमराज़ बन जाओ
माना हम अदब से बात नही करते पर
ये मानो मतलब से बात नही करते,
ये नरम लहजा ,प्यारी बातें तेरे लिए है,
यकीन मानो हम हर किसीसे ऐसे बात नही करते।
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं