मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नहीं।।
Enjoy Every Movement of life!
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही,
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नहीं।।
कभी तो मेरी रूह को, कहीं ना कहीं जाकर सुकून मिलेगा..
फिर से जिंदगी को खुशियों से जीलूँ, ऐसा कोई जुनून मिलेगा..
ना जाने उस वक्त के इंतजार में कितने और लम्हे बिताने हैं..
चाह मैं जिसकी हाथों में लगा, मेरे अरमानों का खून मिलेगा..
