Poore shehar mein myassar nhi hawa kahi,
Bas meri rooh hai jo dar dar bhatkati hai..
पूरे शहर में मयस्सर नहीं हवा कहीं,
बस मेरी रूह है जो दर दर भटकती है…
Poore shehar mein myassar nhi hawa kahi,
Bas meri rooh hai jo dar dar bhatkati hai..
पूरे शहर में मयस्सर नहीं हवा कहीं,
बस मेरी रूह है जो दर दर भटकती है…
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,
मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,
अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,
तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,
मैं लेटू नींद ना आये मुझे, तु भी रात को तारे गिना करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी, जैसे तुझको चाहते चले गए,
मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,
मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता, किस्मत हार गई,
यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,
तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
Rami_
ਤੇਰੇ ਖਿਆਲ ਹੀ ਬਹੁਤ ਨੇ
ਮੇਰੇ ਜਿਉਣ ਲਈ…
ਮੈਨੂੰ ਪਤੈਂ ਤੂੰ ਮੁੜ ਨਹੀਂ ਆਉਣਾ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਹੀ ਬਹੁਤ ਐ
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਪਰਚਾਉਣ ਲਈ….
ਮੈਨੂੰ ਲੱਗਦੈ ਸਾਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਗ਼ਮਾਂ ਚ ਹੀ ਨਿਕਲ ਜਾਣੀ
ਧੰਨਵਾਦ ਤੇਰਾ ਕੁਝ ਪਲ ਹਸਾਉਣ ਲਈ….
ਜਾ “ਹਰਸ” ਯਾਰਾਂ ਖੈਰ ਹੋਵੇ ਤੇਰੀ
ਫੁੱਲ ਖਿੜਦੇ ਰਹਿਣ ਤੇਰੇ ਹਾਸਿਆਂ ਦੇ
ਬਸ ਅਸੀਂ ਰਹਿ ਗਏ ਹਾਂ
ਹੰਝੂ ਵਹਾਉਣ ਲੲੀ…..
ਹਰਸ✍️