Poore shehar mein myassar nhi hawa kahi,
Bas meri rooh hai jo dar dar bhatkati hai..
पूरे शहर में मयस्सर नहीं हवा कहीं,
बस मेरी रूह है जो दर दर भटकती है…
Poore shehar mein myassar nhi hawa kahi,
Bas meri rooh hai jo dar dar bhatkati hai..
पूरे शहर में मयस्सर नहीं हवा कहीं,
बस मेरी रूह है जो दर दर भटकती है…
*मनुष्य की फितरत:-*
*प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सुन रहा है लेकिन निंदा करते समय ये भूल जाता है*
*पुण्य करते समय समझता है कि भगवान देख रहा है लेकिन पाप करते समय ये भूल जाता है*
*दान करते समय समझता है कि भगवान सब में बसता है लेकिन चोरी करते समय ये भूल जाता है*
*प्रेम करते समय समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है लेकिन नफरत करते समय यही बात भूल जाता है!!*
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zindagi to apne hi dam pe zee jaati hai yaaro
kisi ke sahare se to janaze uthaa karte hai
ज़िन्दगी तो अपने ही दम पे जी जाती है यारों
किसी के सहारे से तो जनाज़े उठा करते हैं ..🤗