मोहब्बत बरकरार रहे गी
चाहे अब तुम ना भी लोटो
इश्क की हद से गुजरे गै अब
चाहे अब तुम कुछ भी सोचो
Enjoy Every Movement of life!
मोहब्बत बरकरार रहे गी
चाहे अब तुम ना भी लोटो
इश्क की हद से गुजरे गै अब
चाहे अब तुम कुछ भी सोचो
मुठ्ठी भर ज़मीं में अपनी भुख़ बो रहा हूं,
मिट्टी तन पर लगी थी पर कमीज़ धों रहा हूं,
रो रहा हूं के बारिश की बूंदे बहुत कम थी, पर
कहूंगा नहीं भूखे पेट ना जाने कबसे सो रहा हूं...
Hamari pasand hamesha laazwaab hoti hai
agar zakeen na toh zara apni aur dekh
ਹਮਾਰੀ ਪਸੰਦ ਹਮੇਸ਼ਾ ਲਾਜ਼ਵਾਬ ਹੋਤੀ ਹੇ,
ਅਗਰ ਜਕੀਨ ਨ ਤੋਂ ਜ਼ਰਾ ਆਪਣੀ ਔਰ ਦੇਖ☺️