मोहब्बत बरकरार रहे गी
चाहे अब तुम ना भी लोटो
इश्क की हद से गुजरे गै अब
चाहे अब तुम कुछ भी सोचो
मोहब्बत बरकरार रहे गी
चाहे अब तुम ना भी लोटो
इश्क की हद से गुजरे गै अब
चाहे अब तुम कुछ भी सोचो
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Ishq dhera mere andhar kita
Bhar ke jehar pyaala me peeta
jhabde aawi ve tabiba(doctor), nahi te me mar gaiaa
Tere ishq nachayeaa kar thaiaa thaiaa
ਇਸ਼ਕ ਡੇਰਾ ਮੇਰੇ ਅੰਦਰ ਕੀਤਾ,
ਭਰ ਕੇ ਜ਼ਹਿਰ ਪਿਆਲਾ ਮੈਂ ਪੀਤਾ,
ਝਬਦੇ ਆਵੀਂ ਵੇ ਤਬੀਬਾ ਨਹੀਂ ਤੇ ਮੈਂ ਮਰ ਗਈਆਂ
ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ਨਚਾਇਆ ਕਰ ਥਈਆ ਥਈਆ
.. bulleh shah