बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Halle chalde aa lekhe thodhe fikke
ni rang goodha paa lain de
ni kaaljhe hater de agg lawange
change din aa lain de
ਹਲੇ ਚਲਦੇ ਆ ਲੇਖ ਥੌੜੇ ਫਿੱਕੇ
ਨਿ ਰੰਗ ਗੂੜਾ ਪਾ ਲੈਣ ਦੇ
ਨਿ ਕਾਲਜ਼ੇ Hater ਦੇ ਅੱਗ ਲਾਵਾਂਗੇ
ਚੰਗੇ ਦਿਨ ਆ ਲੈਣ ਦੇ
ham ne kab maanga hai tum se apanee vafaon ka sila
bas dard dete raha karo “mohabbat” badhatee jaegee..
हम ने कब माँगा है तुम से अपनी वफ़ाओं का सिला
बस दर्द देते रहा करो “मोहब्बत” बढ़ती जाएगी..