बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
ਤੈਨੂੰ ਦੇਖਣ ਦਾ ਜਨੂੰਨ ਹੋਰ ਵੀ ਗਹਿਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜਦ ਤੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਤੇ ਜ਼ੁਲਫ਼ਾਂ ਦਾ ਪਹਿਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ 🥰🥰
tenu dekhna da janun ve ghara hunda hai, jd tere chehre te jhulfa da phera hunda hai🥰🥰
