बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Mere vajood mein kaash tu utar jaye😚💞💫
Mein dekhu aayina aur tu nazar aye❤️🫶💋
Tu ho saamne aur ye waqt thehar jaye 🫶😘💝
Aur ye zindagi tujhe dekhte huye guzar jaye💞💞💞
मेरे बजूद में काश तू उतर जाए, 😚💞💫
मैं देखूं आईना और तू नज़र आये,❤️🫶💋
तू हो सामने और ये वक्त ठहर जाए,🫶😘💝
और ये जिंदगी तुझे देखते हुए गुज़र जाए💞💞💞
