बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Tera sajda khuda da sajda jiwe
Tu Dilo dimaag te chdeya surror jeha..!!
Ibadat Teri ch milda sukun sajjna
Tera chehra rabbi noor jeha..!!
ਤੇਰਾ ਸਜਦਾ ਖੁਦਾ ਦਾ ਸਜਦਾ ਜਿਵੇਂ
ਤੂੰ ਦਿਲੋ-ਦਿਮਾਗ ਤੇ ਚੜ੍ਹਿਆ ਸਰੂਰ ਜਿਹਾ..!!
ਇਬਾਦਤ ਤੇਰੀ ‘ਚ ਮਿਲਦਾ ਸੁਕੂਨ ਸੱਜਣਾ
ਤੇਰਾ ਚਿਹਰਾ ਰੱਬੀ ਨੂਰ ਜਿਹਾ..!!
वो जानती थी फिर भी दीखाया उसने
हाथ उसका किसे और के हाथ में थमाया उसने
और हमने कहा था हमारे जितना नही कर पाओगी
हमसे ज्यादा किसे और से ईश्क करके दिखाया उसने