बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा

Bekadri kar rukhe ho tur Jana
Eda nahio chahan hundiya..!!
Befikre ho nhi saunde sajjna
Jinna nu parwahan hundiya..!!
ਬੇਕਦਰੀ ਕਰ ਰੁੱਖੇ ਹੋ ਤੁਰ ਜਾਣਾ
ਏਦਾਂ ਨਹੀਂਓ ਚਾਹਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ..!!
ਬੇਫ਼ਿਕਰੇ ਹੋ ਨਹੀਂ ਸੌਂਦੇ ਸੱਜਣਾ
ਜਿੰਨਾਂ ਨੂੰ ਪਰਵਾਹਾਂ ਹੁੰਦੀਆਂ..!!