बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
meri kami da v sajjna tainu ehsaas howe
jadon me tere muhre aawa taan agge meri laash howe
ਮੇਰੀ ਕਮੀਂ ਦਾ ਵੀ ਸਜਣਾ ਤੈਨੂੰ ਅਹਿਸਾਸ ਹੋਵੇ
ਜਦੋਂ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਮੁਹਰੇ ਆਵਾਂ ਤਾਂ ਅੱਗੇ ਮੇਰੀ ਲਾਸ਼
ਹੋਵੇ 😥
