बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
Kise da ishq kise da khyaal c me
lang gaye saalan vich bahut kamaal c me
ਕਿਸੇ ਦਾ ਇਸ਼ਕ ਕਿਸੇ ਦਾ ਖਿਆਲ ਸੀ ਮੈਂ
ਲੰਘ ਗਏ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਕਮਾਲ ਸੀ ਮੈਂ.