बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा

मजबूरी के साथ कभी मुझे प्यार मत करना,
एहसान करके मुझे कभी खुशिया दान मत करना,
दिल करे तो सच्चा प्यार करना वरना…
झूठी अफवाओं से मुझे बदनाम ना करना। 💘
mazboori ke sath kabhi mujhe pyaar mat karna
ehsaas karke mujhe kabhi khusiyaa daan mat karna
dil kare to sachha pyaar karna warnaa
jhoothi afwaaho se mujhe badnaam na karna