बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा

Akhiyan vich vsa ke ohde
Khayalan ch ghumdi rehndi aan🥰..!!
Seene naal la ke rakhi sajjna di
Tasveer chumdi rehndi aan😘..!!
ਅੱਖੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵਸਾ ਕੇ ਉਹਦੇ
ਖਿਆਲਾਂ ‘ਚ ਘੁੰਮਦੀ ਰਹਿੰਦੀ ਆਂ🥰..!!
ਸੀਨੇ ਨਾਲ ਲਾ ਕੇ ਰੱਖੀ ਸੱਜਣਾ ਦੀ
ਤਸਵੀਰ ਚੁੰਮਦੀ ਰਹਿੰਦੀ ਆਂ😘..!!