बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा

Pyar tera asi jad v mehsus kariye
Rahat mile dila de dard gehre nu..!!
Tera khyl sukun de jnda e
Mere udaas hoye es chehre nu..!!
ਪਿਆਰ ਤੇਰਾ ਅਸੀਂ ਜਦ ਵੀ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰੀਏ
ਰਾਹਤ ਮਿਲੇ ਦਿਲਾਂ ਦੇ ਦਰਦ ਗਹਿਰੇ ਨੂੰ..!!
ਤੇਰਾ ਖ਼ਿਆਲ ਸੁਕੂਨ ਦੇ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਮੇਰੇ ਉਦਾਸ ਹੋਏ ਇਸ ਚਿਹਰੇ ਨੂੰ..!!