बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा

ऐ दोस्त 🤬 , हर खुशी 😊 को तेरी तरफ मोड़ दु ,
तेरे लिए चांद ☪️ सितारे तक तोड़ दु …
सारी खुशियों के दरवाज़े तेरे लिए खोल दू ,
इतना ठीक है या , दो चार झुठ ओर बोल दु …. ।। 😜