बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Strangers in a deep, passionate, unbreakable, unthinkable love!!!
Bhool mat apni saanso ko,
Itna sab guzarne ke baad bhi tu zinda hai,
Jeene ka fir ek mauka hai.
Kyu tu kal ki yaadon mein sharminda hai💯
भूल मत अपनी सांसों को
इतना सभ गुज़रने के बाद भी तू ज़िंदा है
जीने का फिर एक मौका है
क्यों तू कल की यादों में शर्मिंदा है💯