बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा

Khai thokar jinna ton
kade saanu oh chahunde si
jehdhe karde aa ajh nafrat beshumaar
kade oh v pyaar karke saanu gal naal launde si
ਖਾਈ ਠੋਕਰ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ
ਕਦੇ ਸਾਨੂੰ ਉਹ ਚਾਉਂਦੇ ਸੀ
ਜੇਹੜੇ ਕਰਦੇ ਆ ਅਜ ਨਫ਼ਰਤ ਬੇਸ਼ੁਮਾਰ
ਕਦੇ ਉਹ ਵੀ ਪਿਆਰ ਕਰਕੇ ਸਾਨੂੰ ਗਲ਼ ਨਾਲ ਲਾਉਂਦੇ ਸੀ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷