बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा

Kehnda ! je bande nu parkhna hi hai
taa shaklo nahi, andro parkho
kyuki baahro vekhan ch kai ful ohne hi sohne
te andro ohne hi jehreele hunde ne
ਕਹਿੰਦਾ..! ਜੇ ਬੰਦੇ ਨੂੰ ਪਰਖਨਾ ਹੀ ਹੈ,
ਤਾਂ ਸ਼ਕਲੋ ਨਹੀਂ , ਅੰਦਰੋ ਪਰਖੋ
ਕਿਉਂਕਿ ਬਾਹਰੋ ਵੇਖਣ ‘ਚ ਕੲਈ ਫੁੱਲ ਉਹਨੇ ਹੀ ਸੋਹਣੇ ,
ਤੇ ਅੰਦਰੋਂ ਉਹਨੇ ਹੀ ਜ਼ਹਰੀਲੇ ਹੁੰਦੇ ਨੇ 💔🥀