Ajj mohobbat di kitab de pattre farole
Taa pata lggeya
Mohobbat ta khuda da hi duja naam hai..!!
ਅੱਜ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੀ ਕਿਤਾਬ ਦੇ ਪੱਤਰੇ ਫਰੋਲੇ
ਤਾਂ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਤਾਂ ਖੁਦਾ ਦਾ ਹੀ ਦੂਜਾ ਨਾਮ ਹੈ..!!
Ajj mohobbat di kitab de pattre farole
Taa pata lggeya
Mohobbat ta khuda da hi duja naam hai..!!
ਅੱਜ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੀ ਕਿਤਾਬ ਦੇ ਪੱਤਰੇ ਫਰੋਲੇ
ਤਾਂ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਤਾਂ ਖੁਦਾ ਦਾ ਹੀ ਦੂਜਾ ਨਾਮ ਹੈ..!!
Tu parchhawe nu rakh aapna sathi
te horaan te hak jatauna chhad de
dila mereya
manzil te rakh nigah hamesha
awe pichhe mudh dekhna chhad de
ਤੂੰ ਪਰਛਾਵੇਂ ਨੂੰ ਰੱਖ ਆਪਣਾ ਸਾਥੀ
ਤੇ ਹੋਰਾਂ ਤੇ ਹੱਕ ਜਤਾਉਣਾ ਛੱਡ ਦੇ
ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ
ਮੰਜਿਲ ਤੇ ਰੱਖ ਨਿਗਾਹ ਹਮੇਸ਼ਾਂ
ਅੈਂਵੇ ਪਿੱਛੇ ਮੁੜ ਵੇਖਣਾ ਛੱਡਦੇ
मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।