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Mohobbat || mohobbat shayari || hindi shayari

Mere dil mein tumhare liye kitni mohobbat hai agar ye janna hai
To ekbaar apna dil mere dil par rakh kar dekho ❤️🥀

मेरे दिल में तुम्हारे लिए कितनी मोहब्बत है अगर ये जानना है
तो एकबार अपना दिल मेरे दिल पर रख कर देखो ❤️🥀

Title: Mohobbat || mohobbat shayari || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


मेरे आंसुओ का मुकाबला || hindi shayari dard

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,

मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,

अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,

तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,

मैं लेटू नींद ना आये मुझे,  तु भी रात को तारे गिना करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी,  जैसे तुझको चाहते चले गए,

मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,

मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता,  किस्मत हार गई,

यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,

तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

Rami_

Title: मेरे आंसुओ का मुकाबला || hindi shayari dard


Hindi poetry

“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”

Title: Hindi poetry