इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है।❤️
Enjoy Every Movement of life!
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है।❤️
Dastak aur aawaz to kaano ke liye hai
Jo rooh ko sunayi de use khamoshi kehte hain..💯
दस्तक और आवाज तो कानों के लिए है,,
जो रुह को सुनाई दे उसे खामोशी कहते हैं…💯
“Ek Ajeeb si Kashish thi uske wajud me..
Usne kabhi apnaya bhi nhi
Aur kisi ka hone bhi nhi diya….”