Mohobbat hai ya nasha tha jo bhi tha kmaal tha
Rooh tak utarte utarte jism ko khokhla kar gya🍁
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया🍁
Mohobbat hai ya nasha tha jo bhi tha kmaal tha
Rooh tak utarte utarte jism ko khokhla kar gya🍁
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया🍁
Meri Zindgi ka har kinara💖
tere nam
Meri khusi ka har sitara✨
tere nam
Bhgwan se mangi har dua🙏
Tere nam
Bas teri mout ho jaye🙃
Mere nam
………………………….
By Samiksha
दोस्ती
प्यार का मीठा दरिया है
पुकारता है हमें
आओ, मुझमें नहाओ
डूबकी लगाओ
प्यार का सौंधा पानी
हाथों में भर कर ले जाओ
आओ
जी भर कर गोता लगाओ
मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ
जेबों में भर कर ले जाओ
दोस्ती का दरिया
गहरा है, फैला है
इसमें नहीं तैरती
धोखे की छोटी नौका
कोशिश की तो
बचने का नहीं मिलेगा मौका