What we really want to do is what we are really meant to do. When we do what we are meant to do, money comes to us, doors open for us, we feel useful, and the work we do feels like play to us.
–Julia Cameron
What we really want to do is what we are really meant to do. When we do what we are meant to do, money comes to us, doors open for us, we feel useful, and the work we do feels like play to us.
–Julia Cameron
माता-पिता,
ईश्वर की वो सौगात है,
जो हमारे जीवन की अमृतधार है!
आपसे ही हमारी एक पहचान है,
वरना हम तो इस दुनिया से अनजान थे!
आपके आदर्शों पर चलकर ही,
हर मुश्किल का डटकर सामना करना सीखा है हमने!
आपने ही तो इस जीवन की दहलीज़ पर हमें,
अंगुली थामे चलना और आगे बढ़ना सिखाया है,
वरना एक कदम भी न चल पाने से हम हैरान थे!
आपके प्यार और विश्वास ने काबिल बनाया है हमें,
जीवन के हर मोड पर आज़माया है हमें,
वरना हम तो जीवन की कसौटियों से परेशान थे!
आपने हमेशा हर कदम पर सही राह दिखायी है हमें,
अच्छे और बुरे की पहचान करायी है हमें,
आपने दिया है जीवन का ये नायाब तोहफा हमें,
जिसे भुला पाना भी हमारे लिए मुश्किल है!
आपकी परवरिश ने ही दी है नेक राह हमें,
वरना हम तो इस नेक राह के काबिल न थे!
आपसे ही हमारे जीवन की शुरुआत है,
आपसे ही हमारी खुशियाँ और आबाद है,
आप ही हमारे जीवन का आधार है,
आप से हैं हम,
और आप से ही ये सारा जहांन है!
ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
विश्वभर में भारती की अमिट पहचान है
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
ये तिरंगा वीरता का गूंजता इक मंत्र है
ये तिरंगा वन्दना है भारती का मान है
ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है
ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
ये तिरंगा इस धरा पर शान्ति का संधान है
इसके रंगो में बुना बलिदानियों का नाम हैं
ये बनारस की सुबह है ये अवध की शाम है
ये कभी मन्दिर कभी ये गुरुओं का द्वार लगे
चर्च का गुम्बंद कभी मस्जिद की मीनार लगे
ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है
ये तिरंगा बाइबिल है भागवत का श्लोक है
ये तिरंगा आयत ए कुरआन का आलोक है
ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है
ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है
ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है
ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धुप है
ये तिरंगा भव्य हिमगिरी का अमर वरदान है
शीत की ठंडी हवा ये ग्रीष्म का अंगार है
सावनी मौसम में मेघों का छलकता प्यार है
झंझावतों में लहराए गुणों की खान है
ये तिरंगा लता की इक कुठुकती आवाज है
ये रविशंकर के हाथों में थिरकता ताज है
टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है
ये तिरंगा गांधी जी की शान्ति वाली खोज है
ये तिरंगा नेताजी के दिल से निकला ओज है
ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है
रंग होली के है इसमें ईद जैसा प्यार है
चमक क्रिसमस की लिए यह दीप सा त्यौहार है
ये तिरंगा कह रहा ये संस्कृति महान है
ये तिरंगा अंडमानी काला पानी जेल है
ये तिरंगा शांति और क्रांति का अनुपम मेल है
वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है