What we really want to do is what we are really meant to do. When we do what we are meant to do, money comes to us, doors open for us, we feel useful, and the work we do feels like play to us.
–Julia Cameron
What we really want to do is what we are really meant to do. When we do what we are meant to do, money comes to us, doors open for us, we feel useful, and the work we do feels like play to us.
–Julia Cameron
में तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती
में जवाब बनता अगर तू सवाल होती
सब जानते है में नशा नहीं करता
मगर में पी लेता अगर तू शराब होती
Mein tod leta agar tu Gulab hoti
Mein jabaab deta agar tu Sawal hoti
Sab jante hai mein Nasha nahi karta
Magar mein pii leta agar tu Sharab hoti…
👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧
एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।
बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।
ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।
आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।
कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।