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Mother son poetry hindi || Maa shayari

कोई भी जहर को मीठा नहीं बताता है।
कल अपने आप को देखा था माँ की आँखों में
ये आईना हमे बूढ़ा नहीं बताता है।
ए अँधेरे देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखे खोल दी घर में उजाला हो गया।
किस तरह वो मेरे गुनाहो को धो देती है
माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
बुलंदियों का बड़े से बड़ा नीसान छुआ
उठाया गोद में माँ ने तब आसमान छुआ।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में माँ आयी।

Title: Mother son poetry hindi || Maa shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dosti || hindi kavita || poetry on dosti

दोस्ती
प्यार का मीठा दरिया है
पुकारता है हमें

आओ, मुझमें नहाओ
डूबकी लगाओ
प्यार का सौंधा पानी
हाथों में भर कर ले जाओ

आओ
जी भर कर गोता लगाओ
मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ
जेबों में भर कर ले जाओ

दोस्ती का दरिया
गहरा है, फैला है
इसमें नहीं तैरती
धोखे की छोटी नौका
कोशिश की तो
बचने का नहीं मिलेगा मौका

Title: Dosti || hindi kavita || poetry on dosti


मेरे आंसुओ का मुकाबला || hindi shayari dard

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,

मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,

अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,

तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,

मैं लेटू नींद ना आये मुझे,  तु भी रात को तारे गिना करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी,  जैसे तुझको चाहते चले गए,

मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,

मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता,  किस्मत हार गई,

यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,

तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

Rami_

Title: मेरे आंसुओ का मुकाबला || hindi shayari dard