
hath pair aap v thoda halauna painda e
ful paun lai baleyaa
kandeyaa nu v salaohna painda ae
jit taa mil jandi
par kaka jitan lai aapne aap nu tapauna painda e

फूलों ने कभी तोड़ने का दर्द कहा है,
कांटों ने ही हमेशा दुश्मनी निभाई है;
मोहब्बत भी फना का ही एक और नाम है,
यह रूसवा तो हुई है, पर इसने हमेशा वफादारी निभाई है।
ऐ चांद तेरे आने का सबब सबको मालूम नहीं,
कुछ लोग दिया जलाते हैं, और कुछ दिल जलाते हैं;
या वो अच्छी हैं या बुरी, हसरतें तो अपनी हैं,
मगर लोग अक्सर दाग तुझ पर लगाते हैं।
ऐ मेरे दोस्त तू समन्दर बन जा,
क्या खोया क्या पाया इसकी चाहत न कर;
तेरे अंदर ही एक मुकम्मल जहां है,
तू बाहर से किसी और की आस न कर।
मुमकिन है कि मंजिलें मुझसे दूर बहुत हैं,
पर रास्ते पर चलना मेरी फितरत बन गयी है;
उजाले समेटने में कोई वाहवाही नहीं,
अन्धेरों में रोशनी करना मेरी आदत बन गयी है।
ऐसे चलो कि चल के फिर गिरना न पड़े,
इतना उठो कि उठ के फिर झुकना न पड़े;
लेकिन गिरना, उठना तेरे बस में नहीं ऐ दोस्त,
इसलिए उसका हाथ पकड़ के चलो कि फिर रोना न पड़े।
मां के हाथों की बरकत का अंदाजा इस से हो गया,
थी एक वक्त की रोटी हर रोज,
और तीस वर्ष तक गुजारा हो गया;
आज रोटी तो है हर वक्त की, लेकिन वो वक्त कहीं पर खो गया।
ऐ जिंदगी, ये तेरे सवाल की तारीफ नहीं,
यह मेरे जवाब का हुनर कि जिंदगी की उलझने सुलझती चली गयीं;
मैं तो बस अपने दिल की कह रहा था,
और कहानियां बनती चली गयीं।
न थी जिंदगी से शिकायत,
न वक्त से कुछ गिला था;
जो मुझको नहीं मिला,
वो खुद मेरा ही सिला था;
मदद-ओ-मशवरे कम नहीं थे मददगारों के,
पर अफसोस जो तकदीर ने दिया था वह दर्द ही मुझे मिला था।
ऐ वतन कर्ज तो तेरा मैं जब उतारूं, जब मेरे पास कुछ अपना भी हो; तेरी मिट्टी, तेरा पानी, तेरी हवा, तेरी धूप, तेरी छांव, तेरी रोटी और नाम तेरा, फिर भी बस एक कतरा ही बन पाउं तेरा, तो मैं समझूं और तुझको मैं अपना पुकारूं।
जिंदगी जीने का अंदाज तो आया मगर अफसोस,
वो मुकम्मल एहसास नहीं आया;
वो हुनर तो आया मगर,
ऐ बदनसीबी वो मुकाम कभी नहीं आया।
यूं गलतफहमियां पाला न करो,कभी आईने में खुद को निहारा भी करो; ये जो चेहरा है वो सब कुछ बयां कर देता है; कभी इसको जुबां पर उतारा भी करो।
आशुतोष श्रीवास्तव
pyar hunda e ki || punjabi shayari || love shayari
Lagda e kudrat di har ikk cheez
pyar hunda e ki menu samjhaun laggi e..!!
Ikk jhalak jahi dikhdi e sohne yaar di
Jo socha meriyan ch hun jaan aun laggi e..!!
Tenu dekh k sukoon jeha milda e injh
Mere hasdeyea hoeyan v akh Ron laggi e..!!
Har dhadkan de naal tu mehsus hunda e
Jiwe khud to eh jada tenu chahun lggi e..!!
Mera dil nahio lagda bin tere sajjna
Doori pyar ch menu eh sataun laggi e..!!
Tenu sochde hi din shuru hunda e mera
tenu sochde hi raat hun hon lggi e..!!
Akhan band karan tera didar hunda e
nind meri Tere khawaban nu shon lggi e..!!
Tere naal ta c es ch koi shakk nahi
Tere naam naal v mohobbt hun hon lggi e…!!
ਲਗਦਾ ਏ ਕੁਦਰਤ ਦੀ ਹਰ ਇੱਕ ਚੀਜ਼
ਪਿਆਰ ਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ ਮੈਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਇੱਕ ਝਲਕ ਜਹੀ ਦਿਖਦੀ ਏ ਸੋਹਣੇ ਯਾਰ ਦੀ
ਜੋ ਸੋਚਾਂ ਮੇਰੀਆਂ ‘ਚ ਹੁਣ ਜਾਣ ਆਉਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਤੈਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਸੁਕੂਨ ਜਿਹਾ ਮਿਲਦਾ ਏ ਇੰਝ
ਮੇਰੇ ਹੱਸਦਿਆਂ ਹੋਇਆਂ ਵੀ ਅੱਖ ਰੋਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਹਰ ਧੜਕਣ ਦੇ ਨਾਲ ਤੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਹੁੰਦਾ ਏ
ਜਿਵੇਂ ਖੁੱਦ ਤੋਂ ਇਹ ਜ਼ਿਆਦਾ ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਨਹੀਂਓ ਲਗਦਾ ਬਿਨ ਤੇਰੇ ਸੱਜਣਾ
ਦੂਰੀ ਪਿਆਰ ‘ਚ ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਸਤਾਉਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਦੇ ਹੀ ਦਿਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਏ ਮੇਰਾ
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਦੇ ਹੀ ਰਾਤ ਹੁਣ ਹੋਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਅੱਖਾਂ ਬੰਦ ਕਰਾਂ ਤੇਰਾ ਦੀਦਾਰ ਹੁੰਦਾ ਏ
ਨੀਂਦ ਮੇਰੀ ਤੇਰੇ ਖ਼ੁਆਬਾਂ ਨੂੰ ਛੋਹਨ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਤਾਂ ਸੀ ਇਸ ‘ਚ ਕੋਈ ਸ਼ੱਕ ਨਹੀਂ
ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਨਾਲ ਵੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ਹੁਣ ਹੋਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!